Republic Day Speech in Hindi 2020 – 26 जनवरी भाषण

हेल्लो friends आज मै आपलोगों के सामने Republic Day Speech दूंगी वो भी कई तरीके से ताकि सभी लोगो के काम आये,अगर कोई student है तो वो अपने स्कूल,कॉलेज आदि जगह पर अपना Republic Day Speech पपर्स्तुत कर सकता है या सकती है,

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Republic Day Speech in Hindi 2020 - 26 जनवरी भाषण 1

Republic Day Speech in Hindi On Small Age Student – Republic Day Speech 1 

मेरी आदरणीय प्रधानाध्यापक मैडम,मेरे आदरणीय सर और मैडम और मेरे सभी सहपाठियों को सुबह का नमस्कार। हमारे गणतंत्र दिवस पर कुछ बोलने के लिये ऐसा एक महान अवसर देने के लिये मैं आपको धन्यवाद देना चाहूंगा। मेरा नाम अनन्त श्रीवास्तव है और मैं कक्षा 6 में पढ़ता हूँ।

आज, हमारे राष्ट्र के 71वें Republic Day को मनाने के लिये हम सभी यहाँ पर एकत्रित हुए हैं। हम सभी के लिये ये एक महान और शुभ अवसर है। हमें एक-दूसरे को बधाई देना चाहिये और अपने राष्ट्र के विकास और समृद्धि के लिये भगवान से दुआ करनी चाहिये।

हर वर्ष 26 जनवरी को भारत में हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं क्योंकि इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। हमलोग 1950 से ही लगातार भारत का Republic Day मना रहें हैं क्योंकि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था। भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां देश के नेतृत्व के लिये अपने नेता को चुनने के लिये जनता अधिकृत है।

डॉ राजेन्द्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे। 1947 में ब्रिटिश शासन से जब से हमने स्वतंत्रता प्राप्त की है, हमारे देश ने बहुत विकास किया है और ताकतवर देशों में गिना जाने लगा है। विकास के साथ, कुछ कमियाँ भी खड़ी हुई हैं जैसे असमानता, गरीबी, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, अशिक्षा आदि।

अपने देश को विश्व का एक बेहतरीन देश बनाने के लिये समाज में ऐसे समस्याओं को सुलझाने के लिये हमें आज प्रतिज्ञा लेने की जरुरत है। धन्यवाद, जय हिन्द!

26 January Speech in Hindi – Republic Day Speech 2 2020

मैं अपने आदरणीय प्रधानाध्यापक, शिक्षक, शिक्षिका, और मेरे सभी सहपाठियों को सुबह का नमस्कार कहना चाहूंगा। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हम सभी यहाँ अपने राष्ट्र का 71वां गणतंत्र दिवस मनाने के लिये एकत्रित हुए हैं। ये हम सभी के लिये बेहद शुभ अवसर है।

1950 से हम गणतंत्र दिवस को हर वर्ष ढ़ेर सारे हर्ष और खुशी के साथ मनाते हैं। उत्सव की शुरुआत के पहले, हमारे मुख्य अतिथि देश के राष्ट्रीय ध्वज़ को फहराते हैं। इसके बाद हम सभी खड़े होते हैं और राष्ट्र-गान गाते हैं जो कि भारत की एकता और शांति का प्रतीक है।

हमारा राष्ट्र-गान महान कवि रबीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा लिखा गया है। हमारे राष्ट्रीय ध्वज़ में तीन रंग और 24 बराबर तीलियों के साथ मध्य में एक चक्र है। भारतीय राष्ट्रीय ध्वज़ के सभी तीन रंगों का अपना अर्थ है। सबसे ऊपर का केसरिया रंग हमारे देश की मजबूती और हिम्मत को दिखाता है। मध्य का सफेद रंग शांति को प्रदर्शित करता है जबकि सबसे नीचे का हरा रंग वृद्धि और समृद्धि को इंगित करता है।

ध्वज़ के मध्य में 24 बराबर तीलियों वाला एक नेवी नीले रंग का चक्र है जो महान राजा अशोक के धर्म चक्र को प्रदर्शित करता है। हम 26 जनवरी को Republic Day मनाते हैं क्योंकि 1950 में ही इस दिन भारतीय संविधान अस्तित्व में आया था। Republic Day उत्सव में, इंडिया गेट के सामने नयी दिल्ली में राजपथ़ पर भारत की सरकार द्वारा एक बड़ा आयोजन किया जाता है।

हर साल, इस उत्सव की चमक को बढ़ाने के साथ ही अतिथि देवो भव:” के कथन के उद्देश्य को पूरा करने के लिये एक मुख्य अतिथि (देश के प्रधानमंत्री) को बुलाया जाता है। भारतीय सेना इस अवसर पर परेड के साथ ही राष्ट्रीय ध्वज़ को सलामी देती है।

भारत में विविधता में एकता को प्रदर्शित करने के लिये अलग-अलग राज्यों के द्वारा भारतीय संस्कृति और परंपरा की एक बड़ी प्रदर्शनी भी दिखायी जाती है।

Republic  Day January Speech in Hindi { College Student} – Republic Day Speech 3 

मान्यवर अतिथिगण,प्रधानाचार्य,अध्यापक,अध्यापिकाएं,मेरे सीनियर और मेरे सहपाठी, सुबह की नमस्ते। मेरा नाम…….। मैं कक्षा….में पढ़ती/पढ़ता हूँ। अपने इस महान उत्सव Republic Day पर Speech देना मेरे लिये बहुत सौभाग्य की बात है। सबसे पहले, मैं अपने कक्षा अध्यापक को इस महान भारतीय Republic Day के अवसर पर मुझे बोलने का मौका देने के लिये हार्दिक अभिनंदन करती/करता हूँ।

मेरे प्रिय साथियों, हम आज यहाँ अपने राष्ट्र का सबसे विशेष उत्सव मनाने के लिये एकत्र हुये हैं। हम प्रति वर्ष 26 जनवरी को भारतीय संविधान के लागू होने और भारत को एक गणतंत्र देश के रुप में घोषित होने के कारण Republic Day मनाते हैं। मुझे भारत का नागरिक होने पर बहुत गर्व है।

इस दिन पर, हम अपने गणतंत्र देश के लिये दिल से सम्मान प्रदर्शित करने के लिये भारत के राष्ट्रीय ध्वज को फहराते और राष्ट्रीय गान गाते हैं। ये पूरे देश में स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, शैक्षिण संस्थाओं, बैंको और भी बहुत से स्थानों पर मनाया जाता है।

26 जनवरी, 1950 को भारतीय संविधान लागू हुआ था। 1947 से 1950 के बीच का समय परिवर्तन का समय था और किंग जार्ज प्रथम राज्य के प्रमुख वहीं लार्ड मांउटबेटेन और सी. राजगोपालचार्य जी भारत के गवर्नर बने थे। भारत सरकार अधिनियम 1935 को भारतीय संविधान के 26 जनवरी 1950 के अस्तिस्व में आने के बाद भारत के सरकारी कागजातों के रुप में रख दिया था।

1949 में भारत के संविधान को संवैधानिक समिति द्वारा 26 नवम्बर को ग्रहण किया गया था हांलाकि इसे लोकतांत्रिक सरकारी प्रणाली के साथ बाद में 1950 को देश को एक पूरा तरह से स्वतंत्र गणराज्य के रुप में घोषित किया गया था। 26 जनवरी को विशेष रुप से इसलिये चुना गया क्योंकि इस समान दिन पर 1930 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारतीय स्वतंत्रता अर्थात् पूर्ण स्वराज्य घोषित किया था।

1950 में, संविधान को ग्रहण करने बाद, गणतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति, राजेन्द्र प्रसाद बने थे। भारतीय सेनाओं (सभी तीनों सेनाओं द्वारा) राष्ट्रीय राजधानी (नई दिल्ली) के साथ-साथ देश के राज्यों की राजधानियों में भी एक भव्य परेड का आयोजन किया जाता है। राष्ट्रीय राजधानी की परेड रायसीना हिल (राष्ट्रपति भवन के पास, भारतीय राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास स्थान) से शुरु होकर और राजपथ से होते हुये पुराने इंडिया गेट पर समाप्त होती है।

भारतीय सेना के साथ, देश के राज्य भी अपने देश की संस्कृति और परंपराओं को दिखाने के लिये परेड में भाग लेते हैं। इस दिन पर, हमारा देश, मुख्य अतिथि (किसी दूसरे देश के राजा, प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति) को 26 जनवरी पर “अतिथि देवो भव” की परंपरा को निभाते हुये आमंत्रित करता है।

भारत के राष्ट्रपति, भारतीय सेनाओं के कमांडर-इन-चीफ, भारतीय सेनाओं द्वारा सलामी लेते हैं। भारत के प्रधानमंत्री, अमर जवान ज्योति, इंडिया गेट पर शहीद हुये भारतीय सैनिकों को पुष्प अर्पित करके श्रद्धाजंलि देते हैं। Republic Day का उत्सव 29 जनवरी तक लगातार जारी रहता है जो बीटिंग रिट्रीट समारोह के साथ समाप्त होता है। इस दिन पर, प्रत्येक भारतीय संविधान के लिये अपनी/अपना सम्मान प्रदर्शित करते हैं। जय हिन्द, जय भारत 

गणतंत्र दिवस पर निबंध व भाषण {Leader-नेता} -भाषण 4 

मैं अपने देश के जनता और यहाँ आये अथिथि को सुबह का नमस्कार कहना चाहूंगा। चलिये मैं आप सबको इस खास अवसर के बारे में कुछ जानकारी देता हूं। आज हम सभी अपने राष्ट्र का 71वां Republic Day मना रहें हैं।

1947 में भारत की आजादी के ढाई साल बाद इसको मनाने की शुरुआत सन् 1950 से हुई। हम इसे हर वर्ष 26 जनवरी को मनाते हैं क्योंकि इसी दिन भारत का संविधान अस्तित्व में आया था। 1947 में ब्रिटिश शासन से आजादी पाने के बाद, भारत एक स्व-शासित देश नहीं था आर्थात् एक संप्रभु राज्य नहीं था।

भारत एक स्व-शासित देश बना जब 1950 में इसका संविधान लागू हुआ। भारत एक लोकतांत्रिक देश है जिसका यहाँ पर शासन करने के लिये कोई राजा या रानी नहीं है हालांकि यहाँ की जनता यहाँ की शासक है। इस देश में रहने वाले हरेक नागरिक के पास बराबर का अधिकार है, बिना हमारे वोट के कोई भी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री नहीं बन सकता है।

देश को सही दिशा में नेतृत्व प्रदान करने के लिये हमें अपना सबसे अच्छा प्रधानमंत्री या कोई भी दूसरा नेता चुनने का ह़क है। हमारे नेता को अपने देश के पक्ष में सोचने के लिये पर्याप्त दक्षता होनी चाहिये। देश के सभी राज्यों, गाँवों और शहरों के बारे में उसको एक बराबर सोचना चाहिये,

जिससे नस्ल, धर्म, गरीब, अमीर, उच्च वर्ग, मध्यम वर्ग, निम्न वर्ग, अशिक्षा आदि के बिना किसी भेदभाव के भारत एक अच्छा विकसित देश बन सकता है। देश के पक्ष में हमारे नेताओं को प्रभुत्वशाली प्रकृति का होना चाहिये जिससे हर अधिकारी सभी नियमों और नियंत्रकों को सही तरीके से अनुसरण कर सकें।

इस देश को एक भष्ट्राचार मुक्त देश बनाने के लिये सभी अधिकारियों को भारतीय नियमों और नियामकों का अनुगमन करना चाहिये। “विविधता में एकता” के साथ केवल एक भष्टाचार मुक्त भारत ही वास्तविक और सच्चा देश होगा। हमारे नेताओं को खुद को एक खास व्यक्ति नहीं समझना चाहिये, क्योंकि वो हम लोगों में से ही एक हैं और देश को नेतृत्व देने के लिये अपनी क्षमता के अनुसार चयनित होते हैं।

एक सीमित अंतराल के लिये भारत के लिये अपनी सच्ची सेवा देने के लिये हमारे द्वारा उन्हें चुना जाता है। इसलिये, उनके अहम और सत्ता और पद के बीच में कोई दुविधा नहीं होनी चाहिये। भारतीय नागरिक होने के नाते, हम भी अपने देश के प्रति पूरी तरह से जिम्मेदार हैं।

हमें अपने आपको नियमित बनाना चाहिये, ख़बरों को पढ़ें और देश में होने वाली घटनाओं के प्रति जागरुक रहें, क्या सही और गलत हो रहा है, क्या हमारे नेता कर रहें हैं और सबसे पहले क्या हम अपने देश के लिये कर रहें हैं। पूर्व में, ब्रिटिश शासन के तहत भारत एक गुलाम देश था जिसे हमारे हजारों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों के द्वारा बहुत वर्षों के संर्घषों के बाद आजादी प्राप्त हुई।

इसलिये, हमें आसानी से अपने सभी बहुमूल्य बलिदानों को नहीं जाने देना चाहिये और फिर से इसे भ्रष्टाचार, अशिक्षा, असमानता और दूसरे सामाजिक भेदभाव का गुलाम नहीं बनने देना है। आज का दिन सबसे बेहतर दिन है जब हमें अपने देश के वास्तविक अर्थ, स्थिति, प्रतिष्ठा और सबसे जरुरी मानवता की संस्कृति को संरक्षित करने के लिये प्रतिज्ञा करनी चाहिये। धन्यवाद, जय हिन्द! 

Speech on Republic Day in Hindi 2019 – Republic Day Speech 5 

माननीय प्रधानाचार्य, अध्यापक, अध्यापिकाएं, मेरे सहपाठियों को सुबह की नमस्ते। मेरा नांम…….। मैं कक्षा…….में पढ़ता/पढ़ती हूँ। मैं आपके सामने Republic Day पर भाषण दे रहा/रही हूँ। मैं अपने कक्षा अध्यापक की बहुत आभारी हूँ कि उन्होंने मुझे Republic Day के इस महान अवसर पर अपने विचार रखने का मौका दिया।

मेरे प्यारे मित्रों, हम इस राष्ट्रीय उत्सव को हर साल संविधान निर्माण की याद और इसके सम्मान में मनाया जाता है। ये सभी स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षक और विद्यार्थियों द्वारा मनाया जाता है, हांलाकि, पूरे देश के सभी राज्यों के सरकारी कार्यालयों और अन्य संस्थानों में भी मनाया जाता है।

मुख्य कार्यक्रम, भारत के राष्ट्रपति और दूसरे देश के आमंत्रित मुख्य अतिथि के सामने राष्ट्रीय राजधानी, नई दिल्ली, राजपथ, इंडिया गेट पर होता है। एक भव्य समारोह परेड भारत के लिये अपनी कृतज्ञता प्रदर्शित करने के लिये राजपथ पर आयोजित की जाती है।

इस दिन पर, भारत का संविधान 1950 में अस्तित्व में आया था, हांलाकि, इसे संविधान सभा के द्वारा 26 नवम्बर 1949 को ग्रहण किया गया था। 26 जनवरी को, 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के द्वारा भारत को पूर्ण स्वराज्य घोषित किया गया था यही कारण है कि 26 जनवरी को ही भारत के संविधान को लागू करने के लिये चुना गया।

इसके क्रियाशील होने के बाद, भारतीय संघ, आधिकारिक रुप से इसी समय से भारत गणतंत्र राज्य हो गया जिसने भारतीय सरकार अधिनियम 1935 को मौलिक सरकार कागजातो से प्रतिस्थापित कर दिया। हमारा देश संविधान के द्वारा समप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी और लोकतांत्रिक गणतंत्र घोषित कर दिया गया।

हमारा संविधान भारत के नागरिकों के बीच न्याय, स्वतंत्रता और सम्मान को सुनिश्चित करता है। हमारे संविधान का प्रारुप संविधानिक सभा (389 सदस्य) द्वारा बनाया गया था। इसके निर्माण में लगभग तीन साल (वास्तव में, 2 साल, 11 महीने और 18 दिन) लगे थे।

संविधान सभा के द्वारा 1947 में, 29 अगस्त को, डॉ. भीम राव अम्बेडकर की अध्यक्षता में प्रारुप समिति का निर्माण किया था। प्रारुप समिति के मुख्य सदस्य डॉ.भीम राव अम्बेडकर, जवाहर लाल नेहरु, गणेश वासुदेव मालवांकर, सी.राजगोपालचार्य जी, संजय पाखे, बलवंत राय मेहता, सरदार वल्लभभाई पटेल, कैन्हया लाल मुंशी, राजेन्द्र प्रसाद, मौलाना अब्टुस कलाम आजाद, नालिनी रजन घोष, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और संदीप कुमार पटेल थे।

प्रारुप समिति के सभी सदस्यों में से लगभग 30 से ज्यादा सदस्य अनुसूचित जाति से थे। समिति की कुछ महत्वपूर्ण महिलाएं सरोजनी नायडू, राजकुमारी अमृत कौर, दुर्गा देवी देशमुख, हंसा मेहता और विजय लक्ष्मी पंड़ित थी। भारत का संविधान नागरिकों को खुद की सरकार चुनने के लिये अधिकार देता है।

भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी, हांलाकि, संविधान को ग्रहण करने के बाद ये सम्प्रभु, लोकतांत्रिक और गणतंत्र बना था। राष्ट्रीय राजधानी में, राष्ट्रीय तिरंगे को 21 तोपो की सलामी दी जाती है और इसके बाद राष्ट्रीयगान जन-गण-मन गाया जाता है।

भारत के राष्ट्रपति और मुख्य अतिथि के सामने भारतीय सेना के द्वारा आयोजित की जाती है। स्कूल के बच्चे भी परेड में भाग लेकर नृत्य और गाने के माध्यम से अपनी कलात्मकता को प्रदर्शित करते हैं। भारत की विविधता में एकता दिखाने के लिये ये राजपथ पर राज्यों के अनुसार झांकियों को शामिल करता है। धन्यवाद, जय हिन्द! 

नरेंदर मोदी (भारत के प्रधान मंत्री) जी का कहना है की “सबका साथ – सबका विकास” तो दोस्तों इसे फॉलो करे और भारत को विकास करने में मदद करे. हम बहुत भाग्य शाली हैं की हमे अन, वस्त्र, निवास आदि सबकुछ दिया है,

बस ज़रुरत है की हम सीखे की कैसे हमे प्रेम से एक साथ रहना चाहिए| अंत में मै बस यही कहना चाहूँगा की आओ मिल के कुछ ऐसा करे की भारत का झंडा हमेशा उचा रहे| || जय हिन्द ||

26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति भाषण – Republic Day Speech 6

सभी को सुबह का नमस्कार। मेरा नाम अनन्त श्रीवास्तव है और मैं कक्षा 6 में पढ़ता हूं। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि अपने राष्ट्र के बेहद खास अवसर पर हम सभी यहाँ इकट्ठा हुये हैं जिसे Republic Day कहते हैं। मैं आप सबके सामने Republic Day पर Republic Day Speech पढ़ना चाहता हूं।

सबसे पहले मैं अपने क्लास टीचर का धन्यवाद देना चाहूंगा जिनकी वजह से मुझे अपने स्कूल के इस मंच पर Republic Day के इस महान अवसर पर मेरे प्यारे देश के बारे में कुछ कहने का सुनहरा मौका प्राप्त हुआ।

15 अगस्त 1947 से ही भारत एक स्व-शासित देश है। 1947 में 15 अगस्त को ब्रिटिश शासन से भारत को स्वतंत्रता प्राप्त हुई जिसे हम स्वतंत्रता दिवस के रुप में मनाते हैं। हालांकि, 1950 से 26 जनवरी को हम Republic Day मनाते हैं। भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 में लागू हुआ, इसलिये हम इस दिन को हर साल Republic Day के रुप में मनाते हैं।

गणतंत्र का अर्थ है देश में रहने वाले लोगों की सर्वोच्च शक्ति और सही दिशा में देश के नेतृत्व के लिये राजनीतिक नेता के रुप में अपने प्रतिनीधि चुनने के लिये केवल जनता के पास अधिकार है। इसलिये, भारत एक गणतंत्र देश है जहाँ जनता अपना नेता प्रधानमंत्री के रुप में चुनती है।

भारत में “पूर्ण स्वराज” के लिये हमारे महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने बहुत संघर्ष किया। उन्होंने अपने प्राणों की आहूति दी जिससे उनके आने वाली पीढ़ी को कोई संघर्ष न करना पड़े और वो देश को आगे लेकर जाएँ।

हमारे देश के महान नेता और स्वतंत्रता सेनानी महात्मा गाँधी, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, लाला लाजपत राय, सरदार बल्लभ भाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री आदि हैं। भारत को एक आजाद देश बनाने के लिये इन लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ़ लगातार लड़ाई की। अपने देश के लिये हम इनके समर्पण को कभी नहीं भूल सकते हैं।

हमें ऐसे महान अवसरों पर इन्हें याद करते हुये सलामी देनी चाहिये। केवल इन लोगों की वजह से ये मुमकिन हुआ कि हम अपने दिमाग से सोच सकते हैं और बिना किसी दबाव के अपने राष्ट्र में मुक्त होकर रह सकते हैं।

हमारे पहले भारतीय राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद थे जिन्होंने कहा था कि, “एक संविधान और एक संघ के क्षेत्राधिकार के तहत हमने इस विशाल भूमि के संपूर्ण भाग को एक साथ प्राप्त किया है जो यहाँ रहने वाले 320 करोड़ पुरुष और महिलाओं से ज़्यादा के लोक-कल्याण के लिये जिम्मेदारी लेता है”।

कितने शर्म से ये कहना पड़ रहा है कि हम अभी भी अपने देश में अपराध, भ्रष्टाचार और हिंसा (आतंकवाद, बलात्कार, चोरी, दंगे, हड़ताल आदि के रुप में) से लड़ रहें हैं। फिर से, ऐसी गुलामी से देश को बचाने के लिये सभी को एक-साथ होने की ज़रुरत है क्योंकि ये विकास और प्रगति के इसके मुख्य धारा में जाने से अपने देश को पीछे खींच रहा है।

आगे बढ़कर इन्हें सुलझाने के लिये हमें अपने सामाजिक मुद्दों जैसे गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, ग्लोबल वार्मिंग, असमानता आदि से अवगत रहना चाहिये।

डॉ अब्दुल कलाम ने कहा है कि “अगर एक देश भ्रष्ट्राचार मुक्त होता है और सुंदर मस्तिष्क का एक राष्ट्र बनता है, मैं दृढ़ता से महसूस करता हूं कि तीन प्रधान सदस्य हैं जो अंतर पैदा कर सकते हैं। वो पिता, माता और एक गुरु हैं”। भारत के एक नागरिक के रुप में हमें इसके बारे में गंभीरता से सोचना चाहिये और अपने देश को आगे बढ़ाने के लिये सभी मुमकिन प्रयास करना चाहिये।
धन्यवाद, जय हिन्द।

26 January और Republic Day पर हिंदी में Republic Day Speech 7

आदरणीय कुलपति, उप-कुलपति, शिक्षक महोदय तथा सभी साथी छात्रगणों आप सबका हमारे विश्वविद्यालय के Republic Day कार्यक्रम में आप सबका हार्दिक स्वागत है। आज हम सब यहां Republic Day के इस खास अवसर को मनाने के लिए इकठ्ठा हुए हैं और इसी विशेष अवसर में मैं आप सबके सामने हमारे इस राष्ट्रीय पर्व पर दो शब्द कहने की अनुमति चाहूँगा।

आपमें से कई लोग मुझे जानते होगें पर क्योंकि हमारा विश्वविद्यालय काफी विशाल है और इसमें कई सारे विषयों के संस्थान और कक्षाएं संचालित होती हैं। इसलिए यह संभव नही है कि आप सब मुझसे परिचित हों, तो इसलिए आपकी जानकारी के लिए मैं बता दूं कि मेरा नाम अतुल शर्मा है और मैं बी.ए. द्वितीय वर्ष का छात्र हूँ।

जैसा कि आप सब जानतें है कि Republic Day का यह अवसर हमारे लिए काफी खास है और इसके उपलक्ष्य में हमारे विश्वविद्यालय में कई प्रकार के सांस्कृतिक, देशभक्ति तथा मनोरंजक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। यह तो हम सब ही जानते हैं कि 26 जनवरी के दिन मनाये जाने वाला Republic Day का यह पर्व हमारे तीन राष्ट्रीय पर्वों में से एक है।

यह वह दिन है जब हमारा देश का संविधान लागू हुआ और हमारे देश को पूर्ण रुप से स्वतंत्रता प्राप्त हुई और हमारा देश विश्व पटल पे एक गणतांत्रिक देश के रुप में स्थापित हुआ। हालांकि आजादी के इतने वर्ष बाद भी हमारे देश में कई तरह की कुरीतियां और बुराइयां व्याप्त है और इन समस्याओं से मुक्त हुए बिना हम अपने देश को विकसित राष्ट्रों के श्रेणी में नही पहुंचा सकते हैं।

इनमें से कुछ समस्याओं से हमारा और आपका दैनिक रुप से या फिर कभी-कभार सामना तो होता ही है जैसे कि बाल मजदूरी, दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या, लिंग परीक्षण, सार्वजनिक संपत्तियों को क्षतिग्रस्त करना, नियमों का पालन ना करना आदि।

भलें ही यह कार्य कानूनी रुप से वर्जित हैं फिर भी हम इनके खिलाफ आवाज नही उठाना चाहते हैं और ऐसा करके हम ना सिर्फ इन समस्याओं को बढ़ावा देते हैं बल्कि अपने संविधान का भी निरादर करतें है। यदि हम आज के समय में अपने देश को शीर्ष पर देखना चाहते हैं तो हमें सर्वप्रथम अपने संविधान में बतायी गयी बातों तथा इसमें उल्लेखित मूल कर्तव्यों का पालन करना होगा तभी जाकर हम एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण करके, अपनी वास्तविक स्वतंत्रता को प्राप्त कर पायेंगे।

हमारे देश के संविधान निर्माताओं ने हमारे देश को एक गणतांत्रिक रुप दिया ताकि हम लोगों के बीच के भेदभाव, आर्थिक असमानता को दूर किया जा सके, जिससे सभी को बराबर अधिकार प्राप्त हों। जैसा कि हम जानते हैं कि जब तक हमारा देश परतंत्र था।

तो लोगों को तमाम तरह के समस्याओं का सामना करना पड़ता था, हमें अपने ही देश में दोयम दर्जे का नागरिक समझा जाता था। आम नागरिक को कोई भी अधिकार नही प्राप्त थे, सारे अधिकार सिर्फ शासकों और धनाड्य वर्ग के लोगों के लिए थे।

लेकिन जब हमारे देश का संविधान बनाया गया तो इसमें इस बात का ध्यान रखा गया कि कानून के नजर में सब बराबर हों चाहे फिर वह एक मजदूर हो या फिर एक मिल का मालिक। इसके साथ ही Republic Day वह दिन भी है, जब हमारा देश नई दिल्ली में भव्य परेड द्वारा हमारे देश के सामरिक शक्ति का प्रदर्शन भी करता है और विश्व को हमारी बढ़ती शक्ति से परिचित कराता है।

यही कारण है कि 26 जनवरी का यह दिन हमारे लिए इतना महत्वपूर्ण हैं। तो आइये इस Republic Day पर हमसब मिलकर यह शपथ लें कि अपने जीवन में हम कुछ ऐसा काम करेंगे कि जिससे विश्व भर में हमारे देश का नाम उंचा हो।
अब मैं अपने इस Republic Day Speech को समाप्त करते हुए, दूसरे प्रतिभागियों से निवेदन करुंगा कि वह मंच पर आकर इस कार्यक्रम को आगे बढ़ायें। मेरे बातों को इतना ध्यान से सुनने तथा अपना बहुमूल्य समय देने के लिए आप सबका धन्यवाद!

26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर हिंदी में Republic Day Speech 8

आदरणीय सभापति महोदय, इस पवित्र त्यौहार के मौके पर आपने मुझे अपने शब्दों को रखने का मौका प्रदान किया इसके लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद. Republic Day के शुभ अवसर पर इस प्रांगन में उपस्थित गणमान्य अथिति, गुरुजन और मेरे प्यारे सहपाठियों आप सभी को Anytechinfo.com की ओर से प्यार भरा नमस्कार!

26 जनवरी हम सभी देशवाशियों के लिए बहुत ही पवित्र पर्व है जो हमें याद दिलाता है कि हम सब विश्व के सबसे बड़े प्रजातंत्र देश के नागरिक हैं और स्वतंत्र हैं. गणतंत्र अथवा प्रजातंत्र का मतलब “जिसमें राजकीय सुविधाओं के लिए सब सामान है.” हम सब स्वतंत्र रहना चाहते हैं, प्रजातंत्र चाहते हैं. लेकिन यह प्रजातंत्र और स्वतंत्रता बहुत ही कठिन परिश्रम के बाद मिला है.

भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों की कई वर्षों के संघर्ष, कड़ी मेहनत और कई जीवन न्योछावर करने के बाद भारत को 15 अगस्त 1947 को आज़ादी मिली. स्वतंत्रता के ढाई वर्ष बाद भारत सरकार ने स्वयं का संविधान लागु किया और भारत को एक प्रजातांत्रिक Republic Day किया.

15 अगस्त 1947 में स्वतंत्रता मिलने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई और इसके लिए 9 दिसम्बर 1947 से कार्य आरम्भ कर दिया गया था. भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा संविधान सभा के सदस्य चुने गए थे. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, डॉ. भीमराव आंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे.

संविधान निर्माण में कुल 22 समितीयां थी,जिसमें प्रारूप समिति (ड्राफ्टींग कमेटी) सबसे प्रमुख एवं महत्त्वपूर्ण समिति थी और इस समिति का कार्य संपूर्ण ‘ संविधान का निर्माण करना ’ था.

2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन में कुल 114 दिन बैठक के बाद भारतीय संविधान तैयार किया गया और संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को 26 नवम्बर 1949 को भारत का संविधान सुपूर्द किया गया, इसलिए 26 नवम्बर को भारत में संविधान दिवस के रूप में प्रति वर्ष मनाया जाता है.

इस बैठकों में प्रेस और जनता को भाग लेने की स्वतन्त्रता थी. अनेक सुधारों और बदलावों के बाद सभा के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान की दो हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर किये. इसके दो दिन बाद संविधान 26 जनवरी को यह देश भर में लागू हो गया.

26 जनवरी का महत्व बनाए रखने के लिए इसी दिन संविधान निर्मात्री सभा द्वारा स्वीकृत संविधान में भारत के गणतंत्र स्वरूप को मान्यता प्रदान की गई.

आज हम सभी भारतवाशी 71वां Republic Day मना रहे हैं. Republic Day के लिए 26 जनवरी ही तय किया गया क्यूंकि, दिसम्बर 1929 में पंडित जवाहर लाल नेहरु की अध्यक्षता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन लाहौर में संपन्न हुआ जिसमें प्रस्ताव पारित कर इस बात की घोषणा की गई कि यदि ब्रिटिश सरकार 26 जनवरी 1930 तक भारत को स्वायत्तयोपनिवेश (डोमीनियन) घोषित नहीं करता है तो भारत ब्रिटिश साम्राज्य में ही स्वशासित इकाई बन जाता, अतः भारत अपने को पूर्णतः स्वतंत्र घोषित कर देगा.

26 जनवरी 1930 तक जब अंग्रेज सरकार ने कुछ नहीं किया तब भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस ने उस दिन भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के निश्चय की घोषणा की और अपना सक्रिय आंदोलन आरंभ किया. उस दिन से 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त होने तक 26 जनवरी Republic Day के रूप में मनाया जाता रहा.

हमारे प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जिन्होंने कहा था, “हमारे पूर्ण महान और विशाल देश के अधिकार को को हमने एक ही संविधान और संघ में पाया है जो देश में रहने वाले 320 लाख पुरुषों और महिलाओं के कल्याण की जिम्मेदारी लेता है “.

यह बहुत ही शर्म की बात है कि आज आज़ादी के इतने वर्षों के बाद भी हम अपराध, भ्रष्टाचार और हिंसा से लड़ रहे हैं. 1947 के पहले हमारा देश बाहरी लोगों के गुलाम था लेकिन आज के समय में राजनेता और कुछ भ्रष्ट अधिकारिओं ने अपने ओहदे का गुलाम बना लिया है. यदि देश का विकास चाहिए तो यहाँ के लोगों का विकास होना बहुत जरूरी है. इसके लिए हम सभी को आगे आना होगा. देश में फैले रहे भ्रष्टाचार को ख़त्म करना होगा.

एक राष्ट्र, एक रैंक एक पेंसन के लिए भी यहाँ बहुत दिनों तक इंतज़ार करना पड़ा. टेलिकॉम इंडस्ट्री में बहुत दिनों तक रोमिंग के लिए पैसा भरना पड़ा. ऐसे में सिस्टम और सत्ता से क्या कहा जाये. आज भी देश भर में कहीं से भी गाड़ी खरीदकर कहीं नहीं चला सकते हैं. गाड़ी जिस राज्य से ख़रीदा गया है वहीं चला सकते हैं. देश में ऐसी कई समस्याएं है जिससे मिलकर लड़ना होगा.

एक बहुत ही कड़वी सच्चाई आपको बताता हूँ, 1947 में द्वितीय विश्व युद्ध की वजह से हमारा देश आजाद हो गया वरना आज देश में ऐसी स्थिति पैदा हो गई है कि लोग अपने स्वार्थ के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं. आप सभी को मेरे कहने का मतलब समझ आ गया होगा यदि नहीं तो सोने पहले पहले इस लाइन को एक बार फिर से पढना फिर भी समझ न आये तो मैं कुछ नहीं कर सकता !

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे अब्दुल कलाम जी ने कहा था कि अगर देश को भ्रष्टाचार मुक्त, महान और अच्छे ज्ञान वाले लोगों का बनाना है तो सोसाइटी से जुडी तीन चीजें माता, पिता, और शिक्षक को भ्रष्टाचार मुक्त, महान और अच्छे ज्ञान वाला बनना होगा.

इस संविधान में सर्वोच्च संवैधानिक सत्ता के रूप में राष्ट्रपति का पद भी बनाया गया जो स्वतंत्र भारत के संविधान के अनुसार भारत का सर्वोच्च शासक बना और संविधान में भारत को सर्वप्रभुतासपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य भी घोषित किया गया. इस प्रकार की शासन व्यवस्था से भारत संसार का सबसे बड़ा स्वतंत्र गणतंत्र राज्य बन गया.

इस समारोह में एकत्रित हो ‘ Republic Day’ मनाने का एकमात्र उद्देश्य देश के नागरिकों की स्वतंत्रता को सदैव बनाए रखने की प्रेरणा देना है ताकि देश में विभिन्नताओं में एकता, सहयोग, भाईचारे की भावना में वृद्धि हो सके. यह राष्ट्रीय पर्व हम सब को राष्ट्रीय स्वतंत्रता प्राप्ति आंदोलन में किए गए संघर्षों और बलिदानों की भी याद दिलाता है साथ ही स्वतंत्रता बनाए रखने की प्रेरणा देता है. यह दिवस हमारी राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है.

दोस्तों कैसा लगा ऊपर का भाषण मुझे उम्मीद है बहुत अच्छा लगा होगा,और मुझे ये भी भरोसा है आपसे जितना बनेगा आप इस आर्टिकल को उतना शेयर करोगे धन्यबाद

7 कॉमेंट्स

  1. बहुत ही कमाल की पोस्ट लिखी है और वह भी इतनी सारी डिटेल्स के साथ लाजवाब!!!

  2. अति सूंदर आर्टिकल थैंक्स फ़ॉर शेयरिंग….
    एवम बहुत सारा प्यार

  3. Mitali Tripathi आपने अच्छा भाषण लिखा है अगर आप हमारी वेबसाइट के लिए कुछ लिखना चाहती हो तो हमको बहुत अच्छा लगेगा|

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