DMart Business Model in Hindi – डीमार्ट का बिज़नेस मॉडल क्या हैं?

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DMart Business Model in Hindi – आज से कुछ सालों पहले तक सुपर मार्केट का क्रेज काफी कम था लेकिन अभी के समय में हर शहर में सुपरमार्केट मौजूद है। कभी सारी बड़ी-बड़ी कंपनियां जैसे कि रिलायंस और टाटा भी सुपर मार्केट में जमकर इन्वेस्ट कर रही हैं।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि काफी सारे सुपर मार्केट घाटे में जा रहे हैं लेकिन वही कुछ अपने शानदार बिजनेस मॉडल की बदौलत लोगों को भी चीजें सस्ते में दे रहे हैं और खुद भी फायदे में हैं। हम यहां पर बात कर रहे हैं DMart की!

DMart

अगर आप किसी शहर में रहते हैं तो आपके शहर में DMart जरूर होगा और अगर नहीं भी हैं तब भी आप D-Mart में कभी न कभी तो जरूर गए होंगे। DMart भारत के सबसे बड़ी Supermart कंपनियों में से एक है।

DMart लोगो को बेहद ही सस्ते Product अवेलेबल कराता हैं। अगर आप अन्य सुपर मार्ट से भी शॉपिंग कर चुके हैं तो शायद आपको यह बात याद होगी कि जहां एक तरफ अन्य सुपर मार्ट में आपको कुछ प्रोडक्ट काफी महंगे मिलते हैं वहीं दिमाग में आपको सभी प्रोडक्ट अन्य जगहों से सस्ते मिलते हैं। लेकिन इसके बावजूद भी DMart काफी ज्यादा फायदे में है जबकि अधिकतर सुपरमार्ट घाटे में जा रहे हैं।

अगर आप भी अक्सर D-Mart से प्रोडक्ट खरीदते हैं तो आपने कभी ना कभी यह बात जरूर सोचती होगी कि D-Mart हमें इतना सस्ता प्रोडक्ट कैसे उपलब्ध करवाता है। क्योंकि काफी सारी बड़ी-बड़ी कंपनियों के सुपर मार्ट जैसे कि रिलायंस ट्रेंड्स आदि भी मौजूद हैं लेकिन वह भी हमे इतने सस्ते प्रोडक्ट उपलब्ध नहीं करवा पाते।

इसके अलावा यह Supermart इतने फायदे में भी नहीं हैं जितना की DMart हैं। लेकिन कैसे? यह सब एक बेहतरीन बिजनेस मॉडल के कारण होता है और आज के इस पोस्ट में हम आपको D-Mart का शानदार बिजनेस मॉडल समझाने वाले हैं।

D-Mart क्या हैं ? What is Dmart in Hindi

किसी भी चीज के बारे में समझने से पहले यह जानना जरूरी होता है कि वह क्या है क्योंकि आपने से काफी सारे लोग ऐसे भी होंगे जिन्हें डी मार्ट के बारे में अधिक जानकारी नहीं होगी।

डी मार्ट एक सुपर मार्ट कम्पनी है जिसके कई शहरों में Supermart मौजूद हैं। अगर आप यह नहीं जानते कि Supermart क्या होता हैं तो आप इसे एक छोटा सा शॉपिंग मॉल समझ सकते हैं जहां पर कई तरह के सामान एक ही छत के नीचे मिलते हैं।

खास बात यह है कि सुपर मार्ट में आपको प्रोडक्ट अन्य जगह के मुकाबले अधिक सस्ते मिल जाते हैं। DMart भारत की सबसे बड़ी सुपर मार्ट कंपनियों में से एक है और इसके Owner राधाकृष्ण दामनी हैं।

जानकारी के लिए बता देगी अंदाजी के अनुसार राधा कृष्ण दामिनी की संपत्ति करीब 14.3 बिलियन Dollars की हैं और वह भारत के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में भी शामिल है। राधा कृष्ण दामिनी ना केवल DMart के Owner हैं बल्कि एक जाने माने इन्वेस्टर भी हैं।

पैसों को Invest करने में राधाकृष्ण दामनी बेहद ही लाजवाब हैं और यही कारण हैं इन्हें Business Minded कहा जाता हैं। DMart की Success का कारण भी इनका शानदार Business Model हैं। अब आइये जानते हैं DMart के शानदार Business Model के बारे में!

D-Mart Business Model in Hindi – डी-मार्ट का बिज़नेस मॉडल क्या हैं?

D-mart का बिजनेस मॉडल वाकई में काफी बेहतरीन है और इसने मुझे काफी इंप्रेस भी किया है। जहां एक तरफ बड़ी-बड़ी कंपनियां और सुपरमैन घाटे में जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ डी मार्ट प्रोडक्ट को सबसे सस्ता देते हुए भी काफी फायदे में हैं।

डी मार्ट कितना फायदे में है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि साल 2012 तक दिमाग भी काफी कम ग्रोथ में था लेकिन 2012 की बात से डिमॉर्ट ने तेजी से वृद्धि की और आज दिमाग के मालिक राधा कृष्ण धामनी भारत के सबसे अमीर लोगों में से एक है और उनके संपत्ति करीब 14.3 बिलियन डॉलर्स हैं।

राधा कृष्ण धामनी न केवल एक बिजनेसमैन है बल्कि वह एक इन्वेस्टर भी है और स्टॉक मार्केट में भी काफी अच्छा कैसे इन्वेस्ट करते हैं और उससे लाभ भी कमाते हैं।

दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की लिस्ट में से एक वॉरेन बफेट ने कहा था कि अगर आप कोई बिजनेस करते हो तभी आपको स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करना चाहिए और अगर आप स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट कर रहे हो तो उसके लिए आपके पास एक बिजनेस जरूर होना चाहिए।

यानी कि एक बिजनेसमैन को स्टॉक मार्केट में शत-प्रतिशत इन्वेस्ट करना ही चाहिए अगर वह आगे बढ़ना चाहता है। एक अच्छे राधाकृष्ण धामनी ने शुरू से ही एक शानदार स्ट्रेटेजी से काम किया हैं जिससे कि उन्होंने लोगों को प्रोडक्ट बेहद ही सस्ते में भी दिया और उससे काफी शानदार मार्जिन भी निकाल लिया।

Dmart की बिजनेस प्लान में चीजों को सबसे सस्ता देने का कारण यह है कि वह उससे होने वाले मार्जिन में से लोगों को डिस्काउंट देते हैं। भारी डिस्काउंट के कारण डी मार्ट के सुपर स्टोर्स में भयंकर भीड़ लगी रहती है और इसलिए हर कंपनी डी-मार्ट में अपना प्रोडक्ट बिकवाना चाहती है। डी-मार्ट हर प्रोडक्ट से अधिक से आधी मार्जन प्राप्त करने की सोच रखता हैं जिसके लिए वह निम्न तरीके अपनाता हैं :

###1 . कम्पनियो से एंट्री फीस लेना : डी मार्ट के कस्टमर की संख्या इतनी ज्यादा है कि शादी अन्य किसी सुपरमार्ट के कस्टमर इसके आसपास भी आते होंगे। अगर आप डी मार्ट की कनेक्टिविटी के बारे में नहीं जानते तो बता दे कि काउंटर पर नंबर के लिए लाइन में लगना पड़ता हैं।

इसी कारण हर कंपनी DMart में अपना प्रोडक्ट रखना चाहती है क्योंकि DMart में प्रोडक्ट रखवानी का मतलब है कि प्रोडक्ट की ज्यादा बिक्री। लेकिम डी मार्ट कोई काम फ्री में नहीं करता और इसके लिए वह एक अच्छी खासी भारी भरकम एंट्री फीस लेता हैं।

यानी कि जब भी किसी कंपनी को DMart में अपना प्रोडक्ट एंटर करवाना होता है तो वह उसके लिए दिमाग को एक मोटी फीस देती है। Dmart इसी सिस्को प्रोडक्ट को बेचने में लगाते हुए प्रोडक्ट को हम लोगों को डिस्काउंट में देता है। इससे लोग DMart की तरफ आकर्षित होते हैं और स्मार्ट में उपलब्ध प्रोडक्ट अधिक से अधिक खेलते हैं जिसकी वजह से दिमाग को एकता अच्छा डिस्काउंट देते हुए भी अच्छा मार्जिन प्राप्त होता है।

###2 . रेंटल सर्विस से छुटकारा : अगर आप किसी बड़े शहर में रहते हो और Dmart के एक से अधिक सुपर स्टोर आपके पास में है तो आप यह बात नोटिस करते होंगे की Dmart के सभी स्टोर उसके खुद के बनाए हुए हैं।

जबकि अधिकतर सुपर स्टोर किसी मॉल या फिर शॉपिंग मॉल में बने होते हैं और इसके लिए उनको बहुत ही शानदार किराया देना पड़ता हैं। अगर किसी लोकप्रिय मॉल में सुपर स्टोर खोलना हो तो उसके लिए कभी कबार तो आपको प्रॉफिट में से कुछ कमीशन में भी देना पड़ता हैं।

यानी कि कुल मिलाकर इसमें काफी ज्यादा पैसा खर्च होता है लेकिन Dmart अपनी स्ट्रैटेजी की वजह से इससे बच गया। Dmart में हमेशा खुद जमीन खरीदी और वहां पर अपना स्टोर बनाकर खोला और अगर किसी शॉपिंग मॉल में भी DMart का कोई स्टोर खुला है तो Dmart ने उस स्टोर को खरीदा है ना कि रेंटल सर्विस पर लिया है।

डी मार्ट ने शुरुआत में प्राप्त होने वाले प्रॉफिट को केवल एक नया स्टोर बनाने में ही लगाया था यानी कि शुरुआत में इन्हें जितना भी प्रॉफिट प्राप्त हो रहा था वह उसे इन्वेस्ट कर रहे थे और इस वजह से 2002 से लेकर 2012 तक Dmart की ग्रोथ काफी कम रही।

लेकिन अभी के समय में Dmart के पूरे भारत में काफी सारे स्टोर हो चुके हैं और वह सभी Dmart के ही हैं। इस वजह से डीमार्ट को किसी भी तरह का कोई रेंटल किराया नहीं देना पड़ता है जिससे उनके काफी पैसे बचते हैं और यह भी वह प्रोडक्ट को अधिक से अधिक डिस्काउंट देने में लगाते हैं।

###3.  Expenses कम करना : अगर आप किसी अन्य सुपर मार्ट जैसे कि रिलायंस ट्रेंड्स आदि में जाते हैं तो आपको वहां पर एक बड़ा सा मॉल और काफी शानदार डेकोरेशन दिखेगा।

इसके अलावा वहां पर प्रोडक्ट भी काफी दूर-दूर और सजा हुआ रहता है और आपकी मदद करने के लिए कर्मचारी भी काफी ज्यादा रहते हैं लेकिन DMart में यह सब बिल्कुल उल्टा है।

DMart में आपको इतना अच्छा सेटअप नहीं मिलता जितना की अन्य स्टोर में मिलता है। डिमॉर्ट के स्टोर अन्य के मुकाबले छोटे होते हैं लेकिन उन्हें प्रोडक्ट काफी ज्यादा रहते हैं और पास पास रहते हैं।

दिमाग का स्टाफ भी इतना ज्यादा नहीं है जिसकी वजह से उन्हें सैलरी भी कम ही देनी पड़ती है। DMart बहुत ही शानदार स्टोरी तेजी के साथ इस तरीके से काफी पैसे बचा लेता है वहीं दूसरे सुपर मार्ट इसमें काफी पैसे लुटा देते हैं।

इस वजह से Dmart फेवरेट को सस्ता दे पाता है और हमें भी प्रोडक्ट से ही काम होता है ना की किसी सुपरमार्ट की डेकोरेशन से तो हम भी किसी अच्छे सुपर मार्ट में जाने की जगह दिमाग में ही जाना पसंद करते हैं।

इन सभी स्ट्रैटेजी को काम में लेते हुए Dmart अपने प्रोडक्ट पर अधिक से अधिक मार्जन प्राप्त करने की कोशिश करता है। अधिक से अधिक मार्जन प्राप्त करने के कारण डी मार्ट अपने प्रोडक्ट को अधिक से अधिक सस्ता उपलब्ध करवा पाता है और Dmart के स्टोर में जमकर भीड़ उमड़ती है |

जिससे कि उनके प्रोडक्ट सबसे ज्यादा बिकते हैं और कम मार्जिन प्राप्त करते हुए भी DMart को काफी प्रॉफिट प्राप्त होता है। DMart का यह बिजनेस मॉडल कॉपी करना अभी के समय में किसी भी कंपनी के बस की बात नहीं है |

क्योंकि डी मार्ट ने शुरुआत से ही एक शानदार स्टेटस पर काम किया है जिसने शुरुआत में तो अधिक लाभ प्राप्त नहीं करवाया लेकिन अभी के समय में DMart Top पर हैं।

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