Types of Government Budget in Hindi

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जीवन में कोई भी काम करने के लिए हमें पैसे की आवश्यकता होती है। लेकिन केवल पैसे से ही हमारे पूरे काम नहीं होते बल्कि हमें पैसे से संबंधित कामों के लिए बजट भी बनाना पड़ता है। और इसी बारे में आपलोग search करते रहते है,meaning of budget in hindi,Types of Budget in Hindi,Budget Meaning in Hindi,What is Budget in Hindi,India के बजट के बारे,इंडियन बजट कितने टाइप के होते है,Budget क्या होता है।,भारतीय बजट के प्रकार |

हम कोई भी टारगेट को लेकर चलते हैं तो उसके लिए साथ में एक बजट भी रखते हैं। लेकिन यह बात केवल हमारे घर तक ही सीमित नहीं है बल्कि बड़ी बड़ी संस्थाओं के भी काम करने के लिए बजट होते हैं और यहां तक कि बड़े बड़े देशों जैसे कि USA, UK आदि के भी काम करने के लिए बजट फिक्स होते है।

India भी एक बहुत बड़ा देश है जो की जनसंख्या के मामले में विश्व का दूसरा सबसे बड़ा देश है और इस कारण यहां की समस्याएं और यहां से जुड़े काम भी काफी बड़े होते हैं जिसके लिए बजट बनाना कोई आसान काम नहीं होता लेकिन कुछ विद्वान यह काम कर देते हैं।

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सबसे पहले अगर Budget की बात करें तो अगर आपके घर के सामने कोई Road भी बन रहा है,तो वह भी Indian Government के Budget में शामिल होता है। यानी की कुल मिलाकर कहना का मतलब यह है कि India में जो भी कोई योजना पे काम वगैरह हो रहा है वह सभी एक बजट में होता है और इन बजट के भी अलग प्रकार यानी कि Types होते हैं।

आज के इस पोस्ट में हम आपको India के Budget के बारे में काफी सारी जानकारी देंगे और यह बताएंगे कि इंडियन Budget कितने टाइप के होते है और हर एक की क्या विशेषता है। आइये सबसे पहले जानते हैं कि Budget क्या होता है।

Indian Budget क्या है?  What is Indian Budget in Hindi

Indian Government द्वारा एक मंत्रालय बनाया गया है जिसे वित्त मंत्रालय कहते है। हर साल इस वित्त मंत्रालय द्वारा एक Budget बनाया जाता है जिसमे India के अंतगर्त चल रही सभी योजनाओ पर लगे पैसे से जुड़ा लेखा जोखा होता है और आगामी योजनाओ के लिए Budget निर्धारित होता है।

इसके बाद हर State के लिए भी अपना अपना बजट निकलता है जिसमें State में हो रही या फिर कहे तो चल रही योजनाओं पर कितना पैसा लगेगा और कितना लग गया है से संबंधित आंकड़े होते हैं।

यह सब एक तरह से अर्थव्यवस्था का भाग है। अब Budget के बारे में तो हमने जान लिया तो चलिए जानते है Budget के प्रकारों यानी की Types of Budget के बारे में।

भारतीय Budget के प्रकार हिंदी में – Types of Budget in Hindi

भारतीय Budget में होते हैं जो कि India की गवर्नमेंट द्वारा बनाए जाते हैं। वैसे तो अलग-अलग लेवल की सरकार द्वारा अलग अलग बजट बनाए जाते हैं लेकिन हम मुख्यतः इस Budget के तीन प्रकार बता रहे हैं।

###1 संतुलित Budget : सबसे पहला जो Budget होता है वह संतुलित बजट होता है। इस बजट के नाम के अनुसार ही इस Budget का काम भी है। इस Budget में सरकार जितना बजट बनाती है उतनी ही कमाई भी होती है।

यानी कि यह कह सकता है कि ना तो इसमें ज्यादा घाटा होता है और ना ही इसमें ज्यादा फायदा होता है। यह एक Equalization के जैसा होता है।

यह Budget अपनी कैपेसिटी के अनुसार व्यय यानी की खर्च करने पर और अगर सरकार की नजरों से देखो तो इन्वेस्ट करने पर आधारित है। ऐसे बजट के द्वारा देश में संतुलन बना रहता है। इस प्रकार के बजट की वकालत कई सारे अर्थ से संबंधित विद्वान यानी की अर्थशास्त्री करते हैं।

इस बजट का एकमात्र फायदा यह है कि देश की अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनी रहती है यानी कि वह एक ही पोजीशन पर रहती है। अर्थात इस बजट में देश की अर्थव्यवस्था नीचे नहीं गिर सकती लेकिन ऊपर भी नहीं बढ़ सकती।

सरल भाषा में अगर इस Budget को समझा जाए तो यह Budget बिना किसी रिस्क का बजट होता है। लेकिन हम सब यह भी जानते हैं कि बिना रिस्क लिए कोई भी आगे नहीं बढ़ता तो फिर यह तो देश का सवाल है।

इस बजट का एक और फायदा यह भी है कि सरकार जब इस बजट पर चलती है तो वह किसी भी प्रकार के फालतू के खर्चे से बच सकती है और अपना पैसा बचा सकती है। लेकिन इस बजट का नुकसान यह है कि जब कभी अगर मंदी जैसी समस्या सामने आ जाए तो यह Budget वहा बुरा साबित होता है क्योंकि इसमें खर्च करने की एक लिमिटेशन होती है। इस बजट का एक और नुकसान यह है कि इस में बेरोजगारी की समस्या बनी रहती है।

###2 अधिशेष Budget : दूसरे नंबर पर जो Budget आता है वह अधिशेष बजट है। इस Budget के बारे में अगर सबसे मुख्य बात बताऊं तो यह अमेरिका जैसे अमीर देशों में बनाया जाता है।

यह Budget वह बजट होता है जो देश के ऊपर कम पैसे खर्च करने वाला होता है लेकिन देश से अधिक पैसे प्राप्त करता है। इसी कारण यह अमीर देशों में होता है। इस बजट के नाम से भी आप इसके बारे में समझ सकते हैं।

अब अगर इस Budget को मैं आपको सरल भाषा में समझाऊं तो अमीर देशों में कुछ ऐसा होता है कि वह जनता से काफी ज्यादा पैसे प्राप्त करते हैं जबकि जो काम करते हैं वह उस पैसे के मुकाबले कम होता है।

इसके द्वारा सरकार के पास पैसे इकट्ठे होते जाते हैं और देश अधिक अमीर बनता जाता है और देश का संग्रह भी ज्यादा होता जाता है जो कि किसी भी मुसीबत के वक्त काफी ज्यादा काम आता है।

अब अगर आप सोच रहे हैं कि ऐसा क्यों होता है तो मैं यह बता दूं कि जो अमेरिका जैसे देश है वहां पर गरीब व्यक्तियों से ज्यादा अमीर व्यक्ति रहते हैं और इस कारण वहां पर लोग ज्यादा टैक्स देते हैं जबकि सरकार उतना ही खर्च करती है जितना की जरूरत होती है। और ऊपर से वहां पर अगर और कोई बाहर की कंपनी व्यापार करना चाहती है तो उसके भी सरकार जमकर पैसे वसूल ती है।

इस तरह से होता यह है कि धीरे-धीरे सरकार का खजाना भरता जाता है। अब आप यह सोच रहे हैं कि इन अमीर देशों के पैसे खर्च इतने क्यों नहीं होते हैं जितने की हम जैसे देशों के होते हैं तो आपको बता दूं जिस देश में पहले से ही मेट्रो ट्रेन है उस देश में मेट्रो ट्रेन चलाने की क्या जरूरत और जिस देश में पहले से ही सफाई है उस देश में सफाई अभियान चलाने की क्या जरूरत।

यानी कि उन्होंने यह सब काम कम से काफी पहले कर लिए और अब वह केवल आगे बढ़ने की तरफ फोकस कर रहे हैं जबकि अभी हमें या फिर और किसी गरीब देश को तो अपने देश को लेवल पर ही लाना है फिर जाकर हम आगे बढ़ने पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे।

###3 घाटे का Budget : घाटे का Budget तीसरा और आखिरी Budget है जो कि विभिन्न विभिन्न देशों की सरकारें उपयोग करती है। यह Budget India जैसे देशों के लिए सर्वश्रेष्ठ रहता है जो कि अभी पूर्ण रूप से विकसित नहीं है लेकिन धीरे-धीरे विकसित हो रहे हैं और काफी तेजी से विकसित हो रहे हैं।

इस Budget के नाम से ही आप इसके बारे में काफी कुछ समझ गए होंगे लेकिन शायद आपने जो समझा है उसको मुझे थोड़ा एक्सप्लेन करने की जरूरत है।

नाम के अनुसार यह बजट वह होता है जो सरकार की तरफ से अधिक पैसे खर्च करवाता है लेकिन सरकार अपने देश से कम पैसे प्राप्त करती है। यानी कि India में भी लगभग ऐसा ही Budget चलता है जिसमें सरकार देश से कम पैसे प्राप्त करती है लेकिन खर्च ज्यादा करती है। इस बजट को अंग्रेजी भाषा में डेफिसिट Budget कहा जाता है।

अब अगर आप सोच रहे हैं कि इससे देश घाटे में तो नहीं जाता तो ऐसा बिल्कुल नहीं है क्योंकि कर के अलावा भी देश की आय प्राप्त करने के कई साधन होते हैं। इस तरह के बजट के कई फायदे होते हैं जिनमें से एक बेरोजगारी का कम होना भी है। इससे देश में तेजी से विकास होता है लेकिन देश पर कर्ज भी चढ़ता है।

लेकिन अगर आप सोच रहे हो कि घाटे का Budget होने से हमारा देश अगर लगातार कर्ज में डूबते गया तो क्या होगा लेकिन यह केवल विकासशील देशों में होता है जो कि एक समय पर विकसित हो जाएंगे और फिर वह अपना कर्जा शादी हो चुका पाएंगे और लगातार वह कहीं ना कहीं पर किसी ने किसी संसाधन से चुका भी रहे होते हैं जैसे कि हमारा India भी चुका रहा है।।

तो दोस्तो, दोस्तों आज हमने इस पोस्ट में जाना कि भारतीय बजट क्या होती है और यह कितने प्रकार के होते हैं। अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई है तो इसे फेसबुक आदि सोशल मीडिया पर शेयर करें और ऐसी अन्य पोस्ट समय पर पाने के लिए हमारे फ्री न्यूज़ लेटर को सब्सक्राइब करें।

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